प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (एनएमबीए) की छठी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 18 अगस्त 2026 को मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ राष्ट्रीय संकल्प लिया जाएगा। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय इसका नोडल मंत्रालय है, जिसका उद्देश्य फिजिकल और ऑनलाइन भागीदारी के जरिए 10 से 12 करोड़ से ज़्यादा नागरिकों को एकजुट करना है। इस अभियान के तहत देशव्यापी जागरूकता अभियानों के माध्यम से 29.68 करोड़ से अधिक नागरिकों तक पहुंच बनाई गई है, जिनमें 11.43 करोड़ से ज्यादा युवा और 8.05 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। मंत्रालय ‘मादक पदार्थों की मांग में कमी के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना’ (एनएपीडीडीआर) के तहत एक व्यापक और साक्ष्य-आधारित रणनीति लागू कर रहा है।
बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए यह जानकारी ‘पॉलिटी एंड गवर्नेंस’ खंड के तहत महत्वपूर्ण है। यह अभियान सरकार की सामाजिक कल्याण नीतियों, विशेषकर नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से निपटने और युवा सशक्तिकरण से संबंधित प्रयासों को दर्शाता है। उम्मीदवारों को नोडल मंत्रालय (सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय), अभियान की शुरुआत की तारीख (15 अगस्त 2020), इसके लक्ष्य (10-12 करोड़ नागरिकों को एकजुट करना) और इसकी पहुंच (29.68 करोड़ नागरिक) जैसे प्रमुख तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए। इसके अतिरिक्त, ‘नशा मुक्ति मित्र’ और एनएमबीए 2.0 मोबाइल ऐप जैसी पहलें सरकारी योजनाओं और डिजिटल गवर्नेंस के उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जो इन परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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