plutusacademy
Wetland restoration initiative launched in the Nilgiris — concept mind map
Wetland restorationInvasive plantsChoking habitatRemovalEradicationReintroduce floraNative speciesHabitat recoveryEcosystem restoration
Wetland restoration

✎ नींदियों में चल रहा वेटलैंड पुनर्स्थापन अभियान स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र एवं जलवायु परिवर्तन शमन में सहायक है।

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Environment

**नोट:**

तमिलनाडु के नीलगिरि में हाल ही में एक महत्वपूर्ण ‘वेटलैंड रिस्टोरेशन’ (आर्द्रभूमि पुनर्स्थापना) पहल शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य आक्रामक पौधों की प्रजातियों को हटाकर और स्थानीय वनस्पतियों को पुनः स्थापित करके लुप्तप्राय पारिस्थितिकी तंत्र को बचाना है। ‘अरुलागम’ नामक संरक्षण संगठन, ‘अपस्ट्रीम इकोलॉजी फाउंडेशन’, ‘मद्रास रेजिमेंटल सेंटर’ और ‘स्टेट स्ट्रीट फाउंडेशन’ के स्वयंसेवकों के सहयोग से चलाए जा रहे इस अभियान का उद्घाटन स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किया गया। इसमें पश्चिम एशिया से आए ‘सिलिबम मारियानम’ (मिल्क थिसल) और दक्षिण अमेरिका की ‘अल्टरनेन्थेरा फिलोक्सेरोइड्स’ (एलीगेटर वीड) जैसी आक्रामक प्रजातियों को हटाकर जैव विविधता को संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहलों से न केवल पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होता है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रति भी लचीलापन बढ़ता है।

यह पहल बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दे इन परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। बैंकिंग क्षेत्र में ‘ईएसजी’ (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) मानकों के बढ़ते महत्व के कारण भी इस तरह के अभियानों का आर्थिक और सामाजिक पक्ष महत्वपूर्ण हो जाता है। साथ ही, सरकारी योजनाओं जैसे ‘अमृत सरोवर’ और ‘नमामि गंगे’ के तहत भी इस तरह की पहलों का उल्लेख परीक्षाओं में किया जा सकता है। इसके अलावा, आरबीआई ग्रेड बी के ‘सस्टेनेबल फाइनेंस’ और ‘क्लाइमेट रिस्क’ जैसे विषयों के लिए भी यह नोट प्रासंगिक है, क्योंकि आर्द्रभूमि कार्बन अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जो जलवायु परिवर्तन शमन में सहायक होती हैं।

स्रोत: The Hindu


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।