✎ किशाऊ परियोजना विवाद में पंजाब के यमुना जल अधिकार और कानूनी लड़ाई पर ध्यान केंद्रित है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
किशाऊ परियोजना को लेकर पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला लिया है क्योंकि उसे छह राज्यों के बीच हुए समझौते से बाहर रखा गया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब सरकार का कहना है कि 1954 के समझौते के तहत उसे यमुना नदी में उसके हिस्से का पानी मिलना चाहिए। पंजाब के वरिष्ठ प्रवक्ता नील गर्ग ने बताया कि पंजाब को इस प्रक्रिया से बाहर रखना स्वीकार्य नहीं है और वह कानूनी लड़ाई लड़ेगा। इस परियोजना में टोंस नदी पर प्रस्तावित बांध शामिल है, जिससे हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली को पानी आवंटित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया है और इसका 90% वित्तीय बोझ उठाने की जिम्मेदारी ली है।
यह विवाद अंतरराज्यीय जल विवादों के प्रति केंद्र सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है, जो बैंकिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी के लिए महत्वपूर्ण है। जल संसाधनों के प्रबंधन और अंतरराज्यीय समझौतों के कानूनी पहलुओं पर आधारित प्रश्न अक्सर इन परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने के फैसले से संबंधित प्रश्न भी पूछे जा सकते हैं, जो देश के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास से जुड़े होते हैं।
स्रोत: amarujala.com
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