प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भविष्य निधि (पीएफ) ट्रस्टों की छूट प्राप्त स्थिति को पूर्वव्यापी प्रभाव से नियमित करने के लिए माफी योजना, 2026 सरकार द्वारा 29 जून, 2026 को अधिसूचित की गई थी, जिसका उद्देश्य आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त पीएफ ट्रस्टों को उनकी औपचारिक छूट स्थिति नियमित करने का एकमुश्त अवसर प्रदान करना है। यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 की धारा 17 अथवा सामाजिक सुरक्षा संहिता (सीओएसएस), 2020 की धारा 143 के तहत औपचारिक छूट आदेश प्राप्त न कर सकने वाले ट्रस्टों के लिए लाई गई है। योजना की अवधि अधिसूचना से छह माह अर्थात 28 दिसंबर, 2026 तक है, जिसके अंतर्गत ट्रस्ट अपनी स्थिति नियमित कराने हेतु आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के प्रमुख लाभों में सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत निर्धारित वैधानिक आवश्यकताओं जैसे कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या, निधि राशि तथा तीन वर्ष के अनुपालन संबंधी नियमों से छूट शामिल है। स्थिति नियमित होने पर प्रतिष्ठानों को परिचालन संबंधी लचीलापन मिलेगा, जिससे वे छूट प्राप्त अथवा गैर-छूट प्राप्त प्रतिष्ठान के रूप में अनुपालन का विकल्प चुन सकेंगे।
इस योजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अत्यंत व्यापक है। बैंकिंग क्षेत्र में, ईपीएफओ द्वारा संचालित इस योजना से प्रतिष्ठानों के नियमितीकरण के माध्यम से कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा लाभों को सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे बैंकिंग प्रणाली में ऋण एवं वित्तीय सेवाओं की स्थिरता बढ़ेगी। एसएससी परीक्षाओं में, इस योजना से संबंधित प्रावधानों जैसे सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 एवं कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम, 1952 की धाराओं पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जो श्रम कानूनों एवं प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत महत्वपूर्ण विषय हैं। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए, यह योजना आर्थिक एवं सामाजिक नीति के अंतर्गत कर्मचारियों के कल्याण एवं वित्तीय समावेशन से जुड़े मुद्दों पर प्रकाश डालती है, जिससे उम्मीदवारों को नीति निर्माण एवं कार्यान्वयन के दृष्टिकोण से तैयार रहने में सहायता मिलेगी।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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