प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
पीएम ई-ड्राइव योजना भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देना, चार्जिंग अवसंरचना विकसित करना और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना है। इस योजना का कुल परिव्यय ₹10,900 करोड़ है, जिसके अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों के ईवी जैसे दोपहिया, तिपहिया, ट्रक, एम्बुलेंस और बसों के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। उदाहरण के लिए, दोपहिया ईवी के लिए ₹5,000 प्रति किलोवाट घंटा (अधिकतम ₹10,000 प्रति वाहन) और ई-बस के लिए ₹10,000 प्रति किलोवाट घंटा (वाहन लागत के 20% तक) का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यह योजना 1 अप्रैल, 2024 से प्रभावी है और मार्च 2028 तक चलेगी, जिससे देश में ईवी अपनाने की दर में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए ₹2,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिनमें से अब तक 6,562 चार्जरों की स्वीकृति दी जा चुकी है।
इस योजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक है, क्योंकि यह सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास जैसे विषयों से जुड़ा हुआ है। बैंकिंग क्षेत्र में, ईवी अपनाने से ऋण और निवेश के नए अवसर उत्पन्न होंगे, जबकि एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में इसके आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा, चार्जिंग अवसंरचना और बैटरी विनिर्माण में निवेश से रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा, जो अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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