✎ पीएमएवाई-जी ग्रामीण आवास की कमी दूर करने हेतु केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है, जिसमें 4.18 करोड़ लक्ष्यों में से 3.11 करोड़ आवास पूर्ण हो चुके हैं।
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प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) ग्रामीण क्षेत्रों में आवास सुविधा सुनिश्चित करने की केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2022 तक सभी पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराना था। पीआईबी द्वारा 31 जुलाई 2026 को जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पीएमएवाई-जी के तहत अब तक कुल 4.18 करोड़ आवासों का लक्ष्य आवंटित किया गया है, जिसमें से 3.92 करोड़ आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा 3.11 करोड़ आवास पूर्ण हो चुके हैं। शेष 1.06 करोड़ आवासों के निर्माण में विलंब के प्रमुख कारणों में लाभार्थियों की अनिच्छा, भूमि आवंटन में देरी, चुनाव अवधि और निर्माण सामग्री की कमी शामिल हैं। योजना के तहत मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और विशेष श्रेणी राज्यों में ₹1.30 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा, जल जीवन मिशन और उज्जवला योजना जैसे अन्य सरकारी अभियानों के साथ अभिसरण भी शामिल है। इससे न केवल आवास निर्माण में तेजी आई है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, बिजली, पेयजल और महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिला है। राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 3.10 करोड़ आवासों को शौचालय, 2.45 करोड़ को जल कनेक्शन, 3.08 करोड़ को बिजली कनेक्शन तथा 2.91 करोड़ को एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जबकि 1.35 करोड़ लाभार्थी परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। पीएमएवाई-जी के चरण-2 के तहत शेष आवासों को मार्च 2029 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए सरकार द्वारा राज्यों को समयबद्ध निधि आवंटन, प्रगति की नियमित समीक्षा और डैशबोर्ड आधारित निगरानी जैसे उपाय किए जा रहे हैं।
पीएमएवाई-जी जैसी सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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