प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भारत में ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई-ऑटो) योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2021 को ₹25,938 करोड़ के बजटीय व्यय के साथ हुई थी। यह योजना उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी (एएटी) उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने तथा ऑटोमोटिव विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। न्यूनतम 50% घरेलू मूल्य संवर्धन (डीवीए) वाले ईवी सहित एएटी उत्पादों के विनिर्माण पर वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है। अब तक इस योजना के माध्यम से 31 मार्च 2026 तक ₹44,326 करोड़ का निवेश आकर्षित किया जा चुका है तथा 67,820 रोजगार सृजित हुए हैं। इसके अतिरिक्त, लाभार्थी कंपनियों द्वारा अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) पर किए गए व्यय को भी निवेश मानदंडों में शामिल किया गया है, जिससे नवीनतम तकनीक को अपनाने में सहायता मिल रही है।
इस योजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यधिक है। पीएलआई-ऑटो जैसी उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएं भारत के विनिर्माण क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने तथा आत्मनिर्भमता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जो देश की आर्थिक वृद्धि एवं रोजगार सृजन के लिए आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, सरकार द्वारा संचालित ऐसी योजनाएं ‘मेक इन इंडिया’ पहल का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य देश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। ऐसे में परीक्षाओं में इस प्रकार की योजनाओं से संबंधित प्रश्न अर्थव्यवस्था, नीति निर्माण एवं सरकारी पहलों के संदर्भ में पूछे जा सकते हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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