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परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति की 392वीं रिपोर्ट पर प्रेस विज्ञप्ति — concept mind map
बस परिवहन प्रणालीअखिल भारतीय यात्री परमिटइलेक्ट्रॉनिक माध्यम6 राज्यों में चौकियां हटाएंराष्ट्रीय बस टर्मिनलस्वामित्व नीतिटर्मिनल प्राधिकरणफास्टैगडेटा ट्रैकिंगबीमा दावे सुगमनिगरानी केंद्रडिजिटल निगरानीयात्री सुरक्षावाहन स्थान डेटारीयल-टाइम ट्रैकिंगसार्वजनिक-निजी भागीदारी
बस परिवहन प्रणाली

✎ बस परिवहन में समावेशिता, डिजिटलीकरण और टिकाऊपन लाने के लिए संसदीय समिति द्वारा सुझाए गए व्यापक सुधार महत्वपूर्ण हैं।

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance

परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति की 392वीं रिपोर्ट में “समावेशी, डिजिटल और टिकाऊ बस परिवहन को सक्षम बनाना: अगली पीढ़ी की गतिशीलता के लिए नीति, विनियमन और सार्वजनिक-निजी भागीदारी” विषय पर व्यापक सिफारिशें प्रस्तुत की गई हैं। समिति ने अखिल भारतीय यात्री परमिट को डिजिटल माध्यम से लागू करने, राष्ट्रीय बस टर्मिनल प्राधिकरण गठित करने, राष्ट्रीय बस डिजिटल ग्रिड स्थापित करने, संचालक-केंद्रित सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने, फ्लीट ट्रांजिशन कॉम्पैक्ट के माध्यम से इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित और समावेशी परिवहन सेवाओं पर विशेष ध्यान देने की सिफारिश की है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय पर्यटक बस ग्रिड, बजटीय पहचान, राज्यों की रैंकिंग तथा यात्रियों की गणना जैसे विषयों पर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। यह रिपोर्ट राज्यसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध है और इसका उद्देश्य बस परिवहन क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता तथा स्थिरता लाना है।

इस रिपोर्ट का महत्व बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी तथा एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। परीक्षाओं में अक्सर सरकारी नीतियों, संसदीय समितियों की रिपोर्टों तथा सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इस रिपोर्ट में प्रस्तुत डिजिटल परिवर्तन, सार्वजनिक-निजी भागीदारी, इलेक्ट्रिक बसों का प्रोत्साहन तथा समावेशी गतिशीलता जैसे विषय सीधे तौर पर अर्थव्यवस्था, शासन तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े हैं, जो इन परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय बस डिजिटल ग्रिड, राष्ट्रीय पर्यटक बस ग्रिड तथा राज्यों की रैंकिंग जैसे विषयों का उल्लेख परीक्षाओं में भी हो सकता है, जिससे उम्मीदवारों को इन क्षेत्रों में नवीनतम विकास की जानकारी मिल सकेगी।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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