
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
सहकारिता मंत्रालय द्वारा बहु-राज्य सहकारी समितियों (MSCS) में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को सुदृढ़ करने के लिए बहु-राज्य सहकारी सोसाइटी (लेखापरीक्षक की रिपोर्ट) आदेश, 2026 (MSCARO, 2026) को अनिवार्य किया गया है। यह व्यवस्था प्रधानमंत्री के ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में लागू की जा रही है। MSCARO, 2026 के माध्यम से वैधानिक लेखापरीक्षा रिपोर्टिंग के लिए एक समान, सुव्यवस्थित और जोखिम-आधारित व्यवस्था स्थापित की जाएगी, जिससे वित्तीय दबाव के शुरुआती संकेतों की पहचान, सदस्यों की धनराशि की सुरक्षा तथा वैधानिक एवं प्रशासनिक प्रावधानों के अनुपालन को मजबूती मिलेगी। मानकीकृत लेखापरीक्षा रिपोर्टिंग से CRCS पोर्टल के माध्यम से प्रौद्योगिकी-आधारित नियामकीय निगरानी, स्वचालित जांच और जोखिम-आधारित पर्यवेक्षण को बढ़ावा मिलेगा। यह व्यवस्था बहु-राज्य सहकारी समितियों को अपनी प्रणालियों और प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने के लिए पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
MSCARO, 2026 का उद्देश्य कॉरपोरेट क्षेत्र में लागू कंपनी (लेखापरीक्षक की रिपोर्ट) आदेश (CARO) की तर्ज पर बहु-राज्य सहकारी समितियों में वैधानिक लेखापरीक्षा रिपोर्टिंग के लिए एक समान व्यवस्था स्थापित करना है। इससे लेखापरीकों को वित्तीय, प्रशासनिक, सुशासन और वैधानिक अनुपालन से जुड़े महत्वपूर्ण मानकों पर स्पष्ट ‘हाँ/नहीं’ के उत्तर सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिससे अनियमितताओं की पहचान और नियामकीय निगरानी अधिक प्रभावी हो सके। जोखिम-आधारित विनियामक पर्यवेक्षण के माध्यम से केंद्रीय सहकारी समितियों के पंजीयक (CRCS) लेखापरीक्षा टिप्पणियों के आधार पर अधिक वित्तीय अथवा प्रशासनिक जोखिम वाली सहकारी समितियों की पहचान कर सकेंगे। इससे समय पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित होगी और सहकारी सदस्यों के हितों की सुरक्षा होगी।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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