✎ बैंकरों की पुस्तकों के प्रमाण अधिनियम 2026 से डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड्स को कानूनी मान्यता मिलेगी और बैंकिंग विवादों में सबूतों की सुलभता बढ़ेगी।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**बैंकरों की पुस्तकें साक्ष्य विधेयक, 2026** संसद में 3 अगस्त, 2026 को वित्त मंत्रालय द्वारा लोकसभा में पेश किया गया है। यह विधेयक बैंकों द्वारा रखे गए लेखा-जोखा एवं रिकॉर्ड्स को न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य बनाने संबंधी प्रावधान प्रस्तुत करता है। इसके अंतर्गत बैंकों के रिकॉर्ड्स की प्रमाणिकता सुनिश्चित करते हुए, डिजिटल माध्यमों से रखे गए लेखों को भी कानूनी मान्यता प्रदान की जाएगी। विधेयक का उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाना है, जिससे ऋण वसूली, धोखाधड़ी रोकथाम एवं नियामक अनुपालन में सुगमता आएगी।
इस विधेयक का **बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी एवं एसएससी** जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। बैंकिंग क्षेत्र में इसके प्रावधानों से संबंधित प्रश्न सीधे तौर पर बैंकिंग कानून, वित्तीय प्रणाली एवं साक्ष्य अधिनियम जैसे विषयों से जुड़े हो सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी के मुख्य परीक्षा में भी विधायी बदलावों के प्रभावों पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि एसएससी परीक्षाओं में इसे सामान्य ज्ञान के अंतर्गत राष्ट्रीय विधायी प्रक्रिया के रूप में शामिल किया जा सकता है। विधेयक के प्रमुख बिंदुओं—जैसे डिजिटल रिकॉर्ड्स की मान्यता, साक्ष्य के रूप में स्वीकार्यता एवं नियामक ढांचे में सुधार—पर ध्यान केंद्रित रखना परीक्षार्थियों के लिए लाभकारी होगा।
स्रोत: PRS Legislative Research
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

