✎ क्वाड देशों के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु भारतीय तटरक्षक बल का 'क्वाड-एट-सी शिप ऑब्जर्वर मिशन' एक महत्वपूर्ण पहल है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) का जहाज शौनक ‘क्वाड-एट-सी शिप ऑब्जर्वर मिशन’ के तहत 25 सितंबर, 2026 को चेन्नई से ऑस्ट्रेलिया के पर्थ के लिए रवाना हुआ। यह पहल भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के बीच समुद्री सहयोग तथा परिचालनात्मक आपसी सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मिशन के तहत जहाज पर छह ‘सी राइडर्स’—भारत और जापान से दो-दो तथा ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से एक-एक अधिकारी—सवार हुए, जिन्होंने आपसी तालमेल, सहयोग और विश्वास को गहरा करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों एवं पेशेवर आदान-प्रदान में भाग लिया। यह पहल 26 मई, 2026 को जारी क्वाड विदेश मंत्रियों के संयुक्त बयान के अनुरूप है, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र, खुले, समावेशी तथा नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था बनाए रखने के प्रति क्वाड देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह मिशन भारत के ‘सागर’ (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति) दृष्टिकोण तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामूहिक जुड़ाव, पेशेवर संबंधों और सुरक्षित समुद्री वातावरण के प्रति भारतीय तटरक्षक बल की प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।
इस तरह की पहलों का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यधिक है। इन परीक्षाओं में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा, क्वाड जैसे बहुपक्षीय संगठनों की भूमिका, भारतीय तटरक्षक बल की कार्यप्रणाली तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भागीदारी जैसे विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अतिरिक्त, समुद्री सहयोग, सुरक्षा और विकास से जुड़े मुद्दे ‘पोलिटी एंड गवर्नेंस’, ‘अंतर्राष्ट्रीय संबंध’ तथा ‘रक्षा एवं सुरक्षा’ जैसे खंडों में भी शामिल होते हैं, जो परीक्षाओं में उच्च अंक प्राप्त करने के लिए अत्यंत महत्व
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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