✎ मद्रास उच्च न्यायालय 2 सितंबर 2026 को कुलपति नियुक्तियों से संबंधित मामलों पर अंतिम सुनवाई करेगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
मद्रास उच्च न्यायालय २ सितंबर, २०२६ को राज्य के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के कुलपति नियुक्तियों से संबंधित मामलों की अंतिम सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पीठ ने अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया, क्योंकि कई प्रतिवादियों ने अभी तक अपने जवाबी शपथ पत्र दाखिल नहीं किए थे। इस मामले में २०२५ में टी. वेंकटचलपति द्वारा दायर एक याचिका शामिल है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा पारित विधेयकों को चुनौती दी गई थी, जिन्होंने कुलपति नियुक्तियों का अधिकार राज्यपाल से राज्य सरकार को स्थानांतरित कर दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को रोक दिया था, जिससे राज्य सरकार को कुलपति नियुक्त करने का अधिकार मिल गया। इसके बाद पी. भास्कर द्वारा एक अन्य याचिका दायर की गई, जिसमें राज्य के कई विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की कमी को लेकर शिकायत की गई थी। उच्च न्यायालय ने अब दोनों याचिकाओं की अंतिम सुनवाई २ सितंबर को निर्धारित की है।
यह मामला बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें संवैधानिक और प्रशासनिक व्यवस्था, राज्य और केंद्र सरकारों के बीच शक्ति विभाजन, तथा न्यायपालिका की भूमिका जैसे विषय शामिल हैं। बैंकिंग और एसएससी परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न संविधान के अनुच्छेद १६२, २५४, तथा न्यायिक पुनर्विलोकन जैसे विषयों पर आधारित हो सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में भी प्रशासनिक सुधारों और शासन प्रणाली के संदर्भ में इस मामले का उल्लेख किया जा सकता है। इस प्रकार, यह मामला न केवल राजनीति विज्ञान के अध्ययन के लिए बल्कि सामान्य जागरूकता और प्रशासनिक व्यवस्था के ज्ञान के लिए भी प्रासंगिक है।
स्रोत: The Hindu
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