✎ मौसम आधारित फसल बीमा योजना कृषकों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करती है, जिसमें प्रीमियम भुगतान की समय सीमा बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
मध्य प्रदेश के सांसद बी.वाई. राघवेंद्र ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को एक पत्र लिखकर मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रीमियम भुगतान की समय सीमा बढ़ाने की अपील की है। पत्र में उन्होंने बताया कि इस बार मानसून में राज्य में औसतन 34 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है, जबकि शिवमोग्गा जिले में यह कमी 44 प्रतिशत तक रही है। योजना के अंतर्गत इलायची, काली मिर्च, अदरक और आम जैसी बागवानी फसलों को शामिल किया गया था, जिनके लिए प्रीमियम भुगतान की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित थी। हालांकि, तकनीकी समस्याओं और बैंक/सहकारी समितियों के सर्वरों में रुकावट के कारण कई किसानों को समय पर भुगतान करने में कठिनाई हुई। इससे पहले किसान सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से भी प्रीमियम का भुगतान कर सकते थे, लेकिन इस बार उन्हें केवल बैंकों या सहकारी समितियों के माध्यम से ही भुगतान करना था। सांसद ने किसानों की आर्थिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है।
यह मुद्दा बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कृषि क्षेत्र में वित्तीय समावेशन, सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन और डिजिटल भुगतान प्रणाली की चुनौतियों जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। बैंकिंग क्षेत्र में किसानों को ऋण और बीमा सेवाएं प्रदान करने में सरकारी योजनाओं की भूमिका पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, मौसम आधारित बीमा योजनाओं के माध्यम से कृषि जोखिम प्रबंधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला जा सकता है।
स्रोत: The Hindu
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