plutusacademy
महाराष्ट्र में पीएम-यशस्वी योजना के कार्यान्वयन की नियमित रूप से समीक्षा की जाती है; छात्रवृत्ति कवरेज को बेहतर बनाने के — concept mind map
पीएम-यशस्वी योजनानिधि आवंटन₹1,940 लाखराज्य कार्यान्वयनयोग्यता चयनलाभार्थी वितरणसत्यापन पश्चातसमीक्षा बैठकमासिक/राष्ट्रीय
पीएम-यशस्वी योजना

✎ पीएम-यशस्वी योजना महाराष्ट्र में ओबीसी, ईबीसी, डीएनटी छात्रों को मैट्रिक-पूर्व/उपरांत छात्रवृत्ति देती है, जिसमें नियमित निगरानी और धन आवंटन शामिल है।

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

महाराष्ट्र में पीएम-यशस्वी योजना के कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा की जाती है, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा मासिक वीडियो कॉन्फ्रेंस और क्षेत्रीय-राष्ट्रीय स्तर की बैठकों के माध्यम से निगरानी रखी जाती है। इस योजना के अंतर्गत ओबीसी, ईबीसी और डीएनटी वर्ग के छात्रों के लिए मैट्रिक पूर्व, मैट्रिक उत्तर, स्कूलों में उच्च शिक्षा तथा कॉलेजों में उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जाती हैं। वर्ष 2025-26 में महाराष्ट्र को मैट्रिक पूर्व छात्रवृत्ति के लिए 1,940 लाख रुपये जारी किए गए, जबकि इससे पूर्व के वर्षों में धनराशि वितरण में देरी और अप्रयुक्त राशि के कारण समस्याएं उत्पन्न हुई थीं। सरकार ने इन चुनौतियों को दूर करने के लिए राज्य सरकारों से एसएनए-स्पर्श प्लेटफॉर्म पर शामिल होने, आधार लिंक्ड बैंक खातों को सुनिश्चित करने तथा प्रस्तावों और उपयोग प्रमाण पत्रों के समय पर प्रस्तुतिकरण पर जोर दिया है।

यह योजना न केवल सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय समावेशन जैसे मुद्दों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी में शासन व्यवस्था, नीति निर्माण तथा केंद्र-राज्य संबंधों से जुड़े प्रश्नों के लिए यह उदाहरण उपयोगी साबित होगा। इसके अतिरिक्त, सरकारी बजट, वित्तीय आवंटन और सामाजिक कल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन जैसे विषय भी परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।