
✎ यूपी में आईएएस अधिकारियों के त्यागपत्र के पीछे राजनीतिक हस्तक्षेप और प्रशासनिक असंतोष मुख्य कारण हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में आईएएस अधिकारियों द्वारा स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) और इस्तीफे की बढ़ती प्रवृत्ति चर्चा का विषय बनी हुई है। पिछले कुछ समय में नौ आईएएस अधिकारियों ने वीआरएस लिया है, जबकि चार ने इस्तीफा दे दिया है। इनमें से कुछ अधिकारियों ने कॉर्पोरेट क्षेत्र में जाने का विकल्प चुना है, तो कुछ राजनीति में प्रवेश कर गए हैं। इस प्रवृत्ति के पीछे राजनीतिक हस्तक्षेप को प्रमुख कारण माना जा रहा है, क्योंकि कई अधिकारियों का मानना है कि प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में स्वतंत्रता और सक्रियता का अभाव महसूस हो रहा है। उदाहरण के तौर पर, दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा कि राजस्व विभाग में विशेष सचिव रहते हुए उन्हें वह सक्रियता नहीं मिली, जो एक डीएम के रूप में थी। इससे यह सवाल उठता है कि क्या राजनीतिक दबाव और नौकरशाही में हस्तक्षेप इस प्रवृत्ति का मुख्य कारण बन रहा है।
यह प्रवृत्ति न केवल प्रशासनिक सेवा के प्रति अधिकारियों के मोहभंग को दर्शाती है, बल्कि इसके व्यापक निहितार्थ भी हैं। बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से देखा जाए, तो यह विषय प्रशासनिक सुधारों और सरकारी नीतियों के महत्व को रेखांकित करता है। इन परीक्षाओं में राजनीतिक व्यवस्था, नौकरशाही और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। ऐसे में, इस प्रवृत्ति के कारणों और इसके राजनीतिक निहितार्थों को समझना न केवल सामान्य ज्ञान के लिए बल्कि परीक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे यह भी पता चलता है कि सरकारी सेवा में अधिकारियों के मनोबल और उनकी कार्यक्षमता को बनाए रखने के लिए किस प्रकार के सुधारों की आवश्यकता है।
स्रोत: amarujala.com
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


1 comment on “यूपी में IAS अफसर क्यों छोड़ रहे हैं नौकरी? 9 ने लिया VRS, राजनीतिक हस्तक्षेप प्रमुख कारण”