✎ रक्षा क्षेत्र में एफडीआई नियमों में ढील से विदेशी निवेश बढ़ेगा और देश की रक्षा उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Security
सरकार रक्षा क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के नियमों को और उदार बनाने पर विचार कर रही है, जिससे विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) इस संबंध में हितधारकों से विचार-विमर्श कर रहा है। फिलहाल, रक्षा क्षेत्र में 74 प्रतिशत तक स्वचालित मार्ग से एफडीआई की अनुमति है, जबकि इससे अधिक निवेश सरकारी अनुमति मार्ग से ही संभव है, बशर्ते इससे आधुनिक तकनीक तक पहुंच सुनिश्चित हो। इस क्षेत्र में विदेशी निवेश के लिए गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी और रक्षा मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन अनिवार्य है। अप्रैल 2000 से मार्च 2026 के बीच रक्षा उद्योगों में भारत को 32.29 मिलियन अमेरिकी डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ है। सरकार ने इस क्षेत्र में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें रक्षा बजट 2013-14 के 2.53 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 7.85 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचना शामिल है। रक्षा निर्यात भी 2013-14 के 686 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 38,424 करोड़ रुपये हो गया है, जिसमें निजी क्षेत्र का योगदान 45.16 प्रतिशत और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का 54.84 प्रतिशत रहा। सरकार का लक्ष्य 2029 तक वार्षिक रक्षा उत्पादन में 3 लाख करोड़ रुपये और निर्यात में 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचना है।
यह नीति परिवर्तन बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। बैंक पीओ और एसबीआई परीक्षाओं में विदेशी निवेश, एफडीआई नियमों और रक्षा क्षेत्र के आर्थिक पहलुओं से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। एसएससी परीक्षाओं में रक्षा बजट, निर्यात और सार्वजनिक-निजी भागीदारी जैसे विषयों पर वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की संभावना है। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा में रक्षा क्षेत्र के व
स्रोत: orissapost.com
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