✎ राज्य सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी राज्य सरकारों के लिए पूंजी जुटाने एवं राजकोषीय घाटे को पूरा करने का प्रमुख माध्यम है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
राज्य सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा आयोजित की जाती है, जिसमें विभिन्न राज्य सरकारें अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिभूतियां जारी करती हैं। हाल ही में 10 सितंबर, 2026 को आरबीआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कुल 35,900 करोड़ रुपये की राज्य सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी 15 सितंबर, 2026 को ई-कुबेर प्रणाली के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इसमें अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़ सहित 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने भाग लिया है। नीलामी में प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी दोनों प्रकार की बोलियाँ आमंत्रित की गई हैं, जिसमें व्यक्तिगत निवेशकों के लिए गैर-प्रतिस्पर्धी सुविधा भी उपलब्ध है। यह प्रक्रिया बैंकों, वित्तीय संस्थानों और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य सरकारी प्रतिभूतियां बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 24 के तहत एसएलआर के लिए पात्र मानी जाती हैं। इससे बैंकों को अपनी तरलता आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलती है।
इस नीलामी का महत्व बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अत्यधिक है। बैंकिंग परीक्षाओं में राज्य सरकारी प्रतिभूतियों की भूमिका, उनकी नीलामी प्रक्रिया, ब्याज दरें और एसएलआर में योगदान जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में वित्तीय प्रणाली और सरकारी प्रतिभूतियों के बाजार से संबंधित प्रश्नों के लिए यह विषय प्रासंगिक है। इसी प्रकार, एसएससी परीक्षाओं में भी अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों से संबंधित प्रश्नों में राज्य सरकारी प्रतिभूतियों का उल्लेख किया जा सकता है। इस नीलामी के माध्यम से राज्य सरकारें अपने बजट घाटे को पूरा करती हैं, जबकि निवेशकों को सुरक्षित और आकर्षक निवेश विकल्प मिलता है।
स्रोत: RBI
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