प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 भारत के शिक्षा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाली नीति है, जिसका उद्देश्य कौशल-आधारित, अनुभवात्मक और उद्योग-संबद्ध शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत स्कूल स्तर पर कक्षा छठी से बारहवीं तक कौशल शिक्षा को एक नियमित घटक के रूप में शामिल किया गया है, जिसमें पूर्व-व्यावसायिक शिक्षा, बैग-रहित दिवस, और एनसीईआरटी की गतिविधि-आधारित पाठ्यपुस्तकें शामिल हैं। उच्च शिक्षा में कौशल विकास को सामुदायिक महाविद्यालयों, बी.वोक. डिग्री कार्यक्रमों, और अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) के माध्यम से समर्थन दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पीएम ई-विद्या, दीक्षा, और भारतनेट जैसी पहलों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है। ये प्रयास न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार कर रहे हैं, बल्कि रोजगार क्षमता और उद्यमशीलता को भी बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे बैंकिंग, एसएससी, और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह नीति अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
एनईपी 2020 के अंतर्गत डिजिटल शिक्षा के विस्तार और बहुभाषावाद को बढ़ावा देने के प्रयासों से न केवल शहरी-ग्रामीण शिक्षा अंतर कम हो रहा है, बल्कि शिक्षार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी मदद मिल रही है। उच्च शिक्षा में आईसीटी-आधारित शिक्षण पद्धति, वर्चुअल लैब्स, और क्षेत्रीय भाषाओं में ई-सामग्री की उपलब्धता से छात्रों को अतिरिक्त शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच मिल रही है। इसके अलावा, बजट 2025-26 में भारतीय भाषा पुस्तक योजना और छात्राओं के लिए छात्रावासों के निर्माण जैसी पहलों से शिक्षा के क्षेत्र में समावेशन और समानता को बल मिल रहा है। ये सभी पहलें न केवल शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बना रही हैं, बल्क
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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