✎ बुजुर्ग देखभाल में गुणवत्ता प्रशिक्षण हेतु मास्टर ट्रेनर्स का राष्ट्रीय पूल तैयार करने के लिए एनआईएसडी द्वारा 11-दिवसीय 'ट्रेनिंग ऑफ़ ट्रेनर्स' कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Security
राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान (एनआईएसडी) द्वारा आयोजित 11-दिवसीय ‘ट्रेनिंग ऑफ़ ट्रेनर्स’ (टीओटी) कार्यक्रम बुजुर्गों की देखभाल से संबंधित ‘जेरियाट्रिक केयर प्रोवाइडर’ भूमिकाओं के लिए मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम में शारीरिक प्रणाली में उम्र से जुड़े बदलाव, स्वस्थ बुढ़ापे के तरीके, डिमेंशिया देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों का प्रबंधन, प्राथमिक चिकित्सा, योग-ध्यान और देखभाल करने वालों की स्वयं की देखभाल जैसे विषयों को शामिल किया गया। इसका उद्देश्य देश भर में उच्च-गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण प्रदान करने वाले प्रमाणित मास्टर ट्रेनर्स का एक राष्ट्रीय पूल तैयार करना है, जो बुजुर्गों की देखभाल में पेशेवर क्षमता और मानकीकरण को बढ़ावा देंगे। यह पहल भारत की बढ़ती बुजुर्ग आबादी की देखभाल जरूरतों को पूरा करने के लिए एक कुशल कार्यबल तैयार करने में सहायक सिद्ध होगी।
बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह विषय राष्ट्रीय महत्व रखता है, क्योंकि इससे समाज कल्याण, स्वास्थ्य सेवा और जनसांख्यिकी जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। बैंक पीओ और एसएससी परीक्षाओं में जनसंख्या वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और स्वास्थ्य सेवा ढांचे से संबंधित प्रश्न आम होते हैं, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में नीति निर्माण और सामाजिक क्षेत्र के विकास से जुड़े मामलों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इसके अतिरिक्त, यह पहल ‘स्किल इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी सरकारी योजनाओं के अंतर्गत कौशल विकास के व्यापक दृष्टिकोण से भी मेल खाती है, जो परीक्षाओं में पूछे जाने वाले करेंट अफेयर्स के लिए प्रासंगिक है। इस प्रकार, यह विषय न केवल सामान्य जागरूकता बल्कि नीति निर्माण और सामाजिक विकास के व्यापक संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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