✎ लक्कुंडी में पुरातत्व सर्वेक्षण हेतु लिडार एवं जीपीआर जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
लक्कुंडी के छिपे स्मारकों की खोज के लिए लिडार सर्वेक्षण
कर्नाटक के गडग जिले में स्थित लक्कुंडी एक प्रमुख शहरी केंद्र रहा है, जो 10वीं से 12वीं शताब्दी के काल्याणी-चालुक्य काल से संबंधित है। यहां 101 कुएं और 101 मंदिर होने की लोक परंपरा है, जिनमें से अधिकांश वनस्पति आवरण के कारण दृष्टि से ओझल हैं। पुरातत्व विभाग एवं राष्ट्रीय अध्ययन संस्थान (NIAS) के बीच 27 अगस्त को हुए समझौते के तहत लिडार सर्वेक्षण, जीआईएस मैपिंग, रिमोट सेंसिंग, ग्राउंड पेनेट्रेटिंग राडार (GPR) और ड्रोन तकनीक का उपयोग कर इन छिपे स्मारकों की पहचान की जाएगी। इस छह माह के अध्ययन से पुरातात्विक स्थलों का सटीक मानचित्रण संभव होगा, जिससे उत्खनन के लिए सटीक स्थानों का चयन किया जा सकेगा। यह परियोजना राज्य सरकार द्वारा लक्कुंडी को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की अस्थायी सूची में शामिल करने के प्रस्तावित डीपीआर के लिए भी महत्वपूर्ण है।
बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए प्रासंगिकता: लिडार जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग पुरातात्विक सर्वेक्षणों में सरकारी विभागों द्वारा किया जा रहा है, जो शासन एवं प्रशासन में तकनीकी नवाचार को दर्शाता है। इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, संसाधन प्रबंधन एवं सतत विकास जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, स्मारक संरक्षण से संबंधित नीतियों एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों जैसे यूनेस्को के साथ भारत के सहयोग पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकता है, जो आरबीआई ग्रेड बी के पाठ्यक्रम के “अर्थव्यवस्था एवं शासन” खंड के लिए प्रासंगिक है।
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

