प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के पूर्ण सत्र में मानवीय निगरानी को सर्वोपरि रखते हुए नैतिक, उत्तरदायी और पारदर्शी तकनीक को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने ब्रिक्स देशों से संसदीय संप्रभुता की रक्षा करते हुए तकनीक का उपयोग करने की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल दिया, जिससे विधायी क्षमता, पारदर्शिता और जनता की पहुंच में सुधार हो सके। भारत द्वारा विकसित डिजिटल संसद (नेवा), बहुभाषी मंच और पुरालेख डिजिटलीकरण जैसी पहलों का उदाहरण देते हुए उन्होंने तकनीक को मानव-केंद्रित और नैतिक मूल्यों के अनुरूप रखने पर जोर दिया। इस दृष्टिकोण का उद्देश्य भ्रष्टाचार को कम करना, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना और नागरिकों को सशक्त बनाना है, जो बैंकिंग, बीमा और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। इसके अलावा, अध्यक्ष ने द्विपक्षीय बैठकों में पश्चिमी एशिया में शांति, व्यापार और डिजिटल शासन में सहयोग पर चर्चा की, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनयिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण विषय हैं।
यह विषय बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें तकनीकी नवाचार, शासन में पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे प्रमुख विषय शामिल हैं। बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल भुगतान, जन धन योजना और आधार-आधारित सेवाओं जैसी पहलों के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के प्रयासों से इसकी सीधा संबंध है। आरबीआई ग्रेड बी में शासन, नीति निर्माण और तकनीकी एकीकरण जैसे प्रश्नों के लिए यह नोट उपयोगी होगा, जबकि एसएससी में राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रश्नों में भी इसका संदर्भ मिल सकता है। इसके अतिरिक्त, ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों पर चर्चा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों की समझ को व्यापक बनाती है, जो परीक्षाओं में विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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