✎ राजस्व प्राप्तियां बजट अनुमानों से कम रहने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
राजस्व प्राप्तियाँ चालू वित्त वर्ष में अनुमानों से काफी कम रही हैं, जो बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रमुख परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पांच महीनों के बाद राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियाँ केवल 32.14% अर्थात 77,535 करोड़ रुपये ही रही हैं, जबकि बजट अनुमान 2.41 लाख करोड़ रुपये था। कर राजस्व भी 38.1% (69,097 करोड़ रुपये) तक पहुँचा है, जबकि अनुमान 1.81 लाख करोड़ रुपये था। गैर-कर राजस्व एवं अनुदान सहायता में गिरावट ने स्थिति को और खराब किया है, जहाँ भूमि बिक्री एवं अन्य स्रोतों से प्राप्तियाँ मात्र 15.32% (5,475 करोड़ रुपये) ही रही हैं। जीएसटी एवं बिक्री कर के अतिरिक्त अन्य मदों जैसे स्टाम्प एवं पंजीयन, राज्य उत्पाद शुल्क तथा केंद्र के करों में भी 40% से कम प्राप्तियाँ दर्ज हुई हैं। इससे सरकार के राजस्व संग्रहण में कमी स्पष्ट होती है, जो राजकोषीय घाटे एवं प्राथमिक घाटे को बढ़ा रही है। पेंशन एवं ब्याज भुगतान जैसे अनिवार्य व्ययों में वृद्धि ने राजस्व घाटे को 14,840 करोड़ रुपये तक पहुँचा दिया है, जबकि बजट अधिशेष 6,857 करोड़ रुपये था।
इस स्थिति का बैंक पीओ, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए गहरा महत्व है। बैंकिंग परीक्षाओं में राजकोषीय नीति एवं सरकारी वित्त के प्रश्नों में राजस्व प्राप्तियों की कमी एवं इसके प्रभावों पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। एसएससी में आर्थिक सर्वेक्षण एवं बजट से संबंधित विषयों पर प्रश्न आने की संभावना है, जहाँ राजस्व संग्रहण के आँकड़े एवं उनके निहितार्थ महत्वपूर्ण होते हैं। आरबीआई ग्रेड बी के लिए यह विषय मौद्रिक नीति, राजकोषीय घाटे एवं सरकारी व्यय प्रबंधन जैसे विषयों से सीधे जुड़ा हुआ है, जहाँ राजस्व प्राप्तियों की कमी से मुद्रास्फीति, ब्याज दरों एवं सरकारी उधारी पर प्रभाव पड़ सकता है। इस प्रकार, यह विषय न केवल आर्थिक स्थिरता बल्कि वित्तीय प्रणाली पर भी
स्रोत: The Hindu
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