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श्रेयस योजना ने अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों को मजबूत किया — concept mind map
SHREYAS Scheme ComponentsFree CoachingCompetitive exams1.18L beneficiariesFinancial AidPrestigious institutes3,509.39 Cr spentForeign StudyHigher education abroad4 componentsResearch FellowshipAdvanced studies2014-25 period
SHREYAS Scheme Components

✎ श्रेयस योजना अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसर प्रदान कर उनके शैक्षिक सशक्तिकरण में सहायक है।

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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

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श्रेयस योजना केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा के अवसरों को व्यापक बनाना है। इस योजना के चार प्रमुख घटकों—निःशुल्क कोचिंग, प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता, विदेश में अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति और शोध फेलोशिप—के माध्यम से 2014-15 से 2025-26 तक कुल 3,509.39 करोड़ रुपये व्यय कर 1.18 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के अनुसार, यह योजना न केवल वित्तीय बाधाओं को दूर करती है बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रतिष्ठित संस्थानों और विदेशी शिक्षा तक पहुंच में भी सुधार लाती है, जिससे ये विद्यार्थी सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र में बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।

बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से श्रेयस योजना की प्रासंगिकता अत्यधिक महत्वपूर्ण है। सर्वप्रथम, इसकी निःशुल्क कोचिंग घटक बैंकिंग परीक्षाओं जैसे आईबीपीएस, एसबीआई पीओ और आरबीआई ग्रेड बी के लिए तैयारी कर रहे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन सुनिश्चित करती है, जिससे उनकी सफलता की संभावनाएं बढ़ती हैं। दूसरा, प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता प्राप्त कर ये विद्यार्थी उच्चस्तरीय शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, जो उनके विश्लेषणात्मक और तकनीकी कौशल को निखारने में सहायक होगी—एक ऐसा गुण जो बैंकिंग और एसएससी परीक्षाओं में अत्यंत आवश्यक होता है। अंततः, शोध फेलोशिप जैसी पहलें विद्यार्थियों में अनुसंधान क्षमता विकसित करती हैं, जो आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में वैचारिक और नीति-आधारित प्रश्नों के उत्तर देने में सहायक सिद्ध हो सकती हैं

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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