✎ 27 नवम्बर को अंतर्राष्ट्रीय बाल विवाह निरोधक दिवस मनाकर बाल विवाह के विरुद्ध वैश्विक जागरूकता बढ़ाएं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Society
अंतर्राष्ट्रीय बाल विवाह उन्मूलन दिवस के रूप में 27 नवंबर को मनाने के संयुक्त राष्ट्र के निर्णय का आंध्र प्रदेश के गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस, 2019-21) के अनुसार, 20-24 वर्ष की आयु की 23.3% महिलाओं की शादी 18 वर्ष से पहले हुई थी, जबकि 2023-24 के एनएफएचएस में यह आंकड़ा 20.1% तक घट गया था। बाल अधिकार अधिवक्ता पी. फ्रांसिस थांबी ने बताया कि केंद्र सरकार ने 2026 तक बाल विवाह में 10% की कमी लाने का लक्ष्य रखा है। इस निर्णय के माध्यम से समाज में बाल विवाह के प्रति जागरूकता बढ़ाने और कानूनी कार्रवाई को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान मिल सकेगा।
बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह विषय महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण और कानूनी अधिकारों से संबंधित नीतियों के निर्माण में सरकार की भूमिका का परीक्षण किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) जैसे आंकड़े सरकारी योजनाओं और सामाजिक विकास के आकलन में सहायक होते हैं, जो परीक्षाओं में डेटा इंटरप्रिटेशन और नीति विश्लेषण के प्रश्नों में पूछे जा सकते हैं। साथ ही, बाल अधिकार जैसे विषय संविधान के नीति निदेशक सिद्धांतों और सामाजिक न्याय से भी जुड़े हैं, जो परीक्षाओं में प्रायः शामिल किए जाते हैं।
स्रोत: The Hindu
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