✎ अनुसूचित जाति एवं ओबीसी छात्रों की छात्रवृत्ति एवं कल्याण योजनाओं में विलंब एवं खराब उपयोग पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
संसदीय पैनल ने अनुसूचित जाति (अजा) छात्रवृत्तियों में लगातार देरी, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के खराब उपयोग तथा अल्पसंख्यक क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं के निर्माण और कार्यान्वयन में खामियों को लेकर सरकार की आलोचना की है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने मार्च 2026 में प्रस्तुत अनुदान मांगों पर कार्रवाई रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए राज्य सरकारों द्वारा छात्रवृत्ति सत्यापन में लगने वाले अतिरिक्त समय को प्रमुख कारण बताया। समिति ने राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) के जून में खुलने तथा राज्यों द्वारा सत्यापन में लगने वाले समय के कारण केंद्र द्वारा धनराशि जारी करने में देरी को अस्वीकार करते हुए कहा कि छात्रवृत्ति उसी शैक्षणिक वर्ष में वितरित की जानी चाहिए, जिसमें वे देय हों। समिति ने ओबीसी एवं अल्पसंख्यकों के लिए नि:शुल्क कोचिंग योजना के खराब क्रियान्वयन पर भी चिंता व्यक्त की, जिसमें 2023-24 में केवल 6.4% तथा 2025-26 में 12.3% लाभार्थियों तक पहुंच साबित हुई। वित्तीय उपयोगिता भी कम रही, जिसमें 2023-24 में केवल 16.5% राशि खर्च की गई। समिति ने ₹8 लाख वार्षिक आय सीमा पर पुनर्विचार की मांग करते हुए इसे बाधक बताया तथा अल्पसंख्यक क्षेत्रों में शिक्षा अवसंरचना के निर्माण के बाद भी कार्यात्मक उपयोगिता में कमी तथा कर्मचारियों की कमी जैसे मुद्दों को उठाया। इसके अतिरिक्त, विकलांग व्यक्तियों के कौशल विकास में कमी तथा बजटीय आवंटन और वास्तविक व्यय के बीच अंतर को भी चिन्हित किया गया।
यह मुद्दा बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन जैसे विषय पाठ्यक्रम में शामिल हैं। परीक्षाओं में योजनाओं के उद्देश्यों, बजटीय आवंटन, कार्यान्वयन चुनौतियों तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता से
स्रोत: Hindustan Times
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