✎ मुख्य चुनाव आयुक्त के विवादित व्यवहार से लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया पर प्रश्न उठे हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
**सीपीआई नेता विनय विश्वाम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की**
केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन द्वारा किए गए आरोप के बाद सीपीआई नेता विनय विश्वाम ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है। थॉमसन ने आरोप लगाया था कि 2016 में नई दिल्ली जाते हुए एक विमान यात्रा के दौरान कुमार ने उन्हें बीजेपी के टिकट पर संसदीय चुनाव लड़ने और केंद्रीय मंत्री बनने का प्रस्ताव दिया था। विश्वाम ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और कहा कि कुमार का यह रवैया संविधान के प्रति उनकी निष्ठा पर सवाल उठाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुमार को यह पद पीएम मोदी और अमित शाह के प्रति उनकी सेवाओं के बदले मिला है, जिससे चुनावों की निष्पक्षता पर संदेह पैदा हो रहा है।
विश्वाम ने दावा किया कि कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग ने 13 करोड़ भारतीयों के मताधिकार का हनन किया है और ईवीएम मशीनों को भी लोकतंत्र से बाहर करने की जरूरत है। यह मुद्दा बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जहां संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अलावा, यह राजनीतिक हस्तक्षेप और लोकतंत्र के कमजोर होने जैसे विषयों पर भी चर्चा का केंद्र बन सकता है, जो समसामयिक मामलों के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रासंगिक है।
स्रोत: The Hindu
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