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CJI Surya Kant emphasises healthy disagreement, deliberations among BRICS judiciaries — labelled illustration

✎ ब्रिक्स न्यायिक मंच 2026 में न्यायिक सुधारों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया गया।

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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: International Relations

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**सीजेआई सूर्यकांत ने ब्रिक्स न्यायपालिकाओं के बीच स्वस्थ असहमति और विचार-विमर्श पर जोर दिया**

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को ब्रिक्स मुख्य न्यायाधीशों के मंच पर स्वस्थ असहमति और विचार-विमर्श की संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों के न्यायिक नेताओं की उपस्थिति में कहा कि न्याय का समय पर और पूर्वानुमेय वितरण आवश्यक है। ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका और अन्य सदस्य देशों के न्यायिक प्रमुखों ने इस मंच पर अपने विचार रखे, जिनमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग, कानून का शासन और न्यायिक प्रणाली में तकनीकी नवाचार जैसे मुद्दे शामिल थे। ब्रिक्स मंच पर न्यायिक सहयोग के माध्यम से सदस्य देशों के बीच व्यापार, आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

यह मंच वैश्विक स्तर पर न्यायिक प्रणालियों के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर था। सीजेआई ने न्यायिक नेताओं के बीच विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि विविध दृष्टिकोणों से न्यायिक प्रणालियों में सुधार संभव है। ब्रिक्स देशों के बीच न्यायिक सहयोग न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता में भी योगदान देगा। यह विषय बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए भी प्रासंगिक है, जहां अंतरराष्ट्रीय संबंधों, वैश्विक अर्थव्यवस्था और कानून के शासन पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

स्रोत: orissapost.com


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