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परिवार के लिए छोड़ी वर्दी, पति हुए बलिदान: अब फिर वायुसेना में सेवा देंगी प्रियंका; सुप्रीम कोर्ट का आदेश — concept mind map
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✎ सुप्रीम कोर्ट ने पारिवारिक बलिदान के सम्मान में पूर्व IAF अधिकारी को पुनर्वासित किया, लेकिन यह फैसला विशेष मामले तक सीमित रहा।

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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity

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सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय वायुसेना की पूर्व अधिकारी प्रियंका सक्सेना को उनके पति विंग कमांडर हर्षित सिन्हा के मिग-21 हादसे में शहीद होने के बाद पुनः सेवा में शामिल करने का आदेश दिया है। प्रियंका ने 2013 में पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण सेवा छोड़ दी थी, लेकिन 2021 में पति की मृत्यु के बाद उन्होंने पुनः सेवा में लौटने की मांग की थी। कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत विशेष राहत देते हुए उन्हें स्क्वाड्रन लीडर के पद पर बहाल किया, हालांकि स्पष्ट किया कि यह फैसला उनके मामले तक सीमित रहेगा। यह निर्णय सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, जो सरकारी नौकरियों में महिलाओं के पुनः प्रवेश और उनके अनुभव को मान्यता देने की दिशा में एक मिसाल प्रस्तुत करता है।

इस मामले की प्रासंगिकता बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें संवैधानिक प्रावधानों, न्यायिक सक्रियता और सरकारी नीतियों के अंतर्संबंध को समझने का अवसर मिलता है। अनुच्छेद 142 के तहत दिए गए विशेष अधिकार, महिला अधिकारियों के पुनर्वास संबंधी मुद्दे और सशस्त्र बलों में सेवा के नियमों पर चर्चा परीक्षाओं में पूछे जाने वाले विषय हैं। इसके अतिरिक्त, यह मामला सरकारी नीतियों के निर्माण और उनके कार्यान्वयन के बीच के अंतर को भी उजागर करता है, जो नीति निर्माण और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित विषयों के लिए प्रासंगिक है।

स्रोत: amarujala.com


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