प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: International Relations
सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि में किया गया, जिसने भारत की सेमीकंडक्टर विकास यात्रा को “सिलिकॉन से सिस्टम तक: परितंत्र का निर्माण” विषय के तहत प्रदर्शित किया। इस पांचवें संस्करण में 600 से अधिक वैश्विक प्रदर्शक कंपनियों, स्टार्टअप पवेलियन, कार्यबल विकास पवेलियन और हैकाथॉन के माध्यम से सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला के विभिन्न पहलुओं—चिप डिजाइन, विनिर्माण, पैकेजिंग, अनुसंधान, सामग्री, प्रतिभा और सिस्टम-स्तरीय अनुप्रयोगों—को एक साथ लाया गया। सी-डैक द्वारा विकसित स्वदेशी 64-बिट आरआईएससी-वी प्रोसेसर और इनकोर सेमीकंडक्टर्स द्वारा प्रदर्शित आरआईएससी-वी आधारित एसओसी डिजाइन जैसे नवाचारों ने देश की आत्मनिर्भर प्रौद्योगिकी क्षमताओं को प्रदर्शित किया। इसके अतिरिक्त, भारतीय स्टार्टअप जैसे वर्वेसेमी माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और नेट्रासेमी ने स्मार्ट उपकरणों, एआई-सक्षम निगरानी प्रणालियों और उच्च गति कनेक्टिविटी समाधानों के माध्यम से घरेलू सेमीकंडक्टर पारितंत्र को सुदृढ़ किया।
इस आयोजन का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। सेमीकंडक्टर उद्योग वैश्विक तकनीकी विकास का आधार है, और भारत द्वारा इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदम देश के आर्थिक विकास और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे। बैंकिंग क्षेत्र के लिए, सेमीकंडक्टर विनिर्माण में निवेश और स्टार्टअप पारितंत्र के विकास से संबंधित नीतियाँ और वित्तीय सहायता योजनाएँ प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगी, जबकि आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में तकनीकी नवाचार और आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रश्न पूछे जा सकते हैं। एसएससी परीक्षाओं में भी इस आयोजन के माध्यम से
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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