✎ स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 स्वच्छ भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु सरकारी प्रयास एवं नागरिक भागीदारी का संयुक्त प्रयास है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 के देशव्यापी शुभारंभ में भाग लेना भारत सरकार की ‘स्वच्छ भारत’ पहल के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से सरकार स्वच्छता, नागरिक जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा दे रही है, जिसका सीधा संबंध शासन प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही से है। यह अभियान न केवल स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाता है, बल्कि सरकारी विभागों में कार्य संस्कृति को भी बेहतर बनाने का प्रयास करता है, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में शासन व्यवस्था, नीति निर्माण और सार्वजनिक सेवा के विषयों से जुड़ा हुआ है। इसके अतिरिक्त, अभियान के तहत ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ जैसी पहल सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ाती है, जो आरबीआई ग्रेड बी के ‘सामाजिक मुद्दे’ और ‘नैतिकता’ जैसे खंडों के साथ-साथ एसएससी सीजीएल में ‘सामाजिक न्याय’ जैसे विषयों के लिए भी प्रासंगिक है।
इस अभियान का एक प्रमुख पहलू ‘स्वच्छता को जीवनशैली’ के रूप में अपनाना है, जिसे सरकारी नीतियों और उनके क्रियान्वयन के माध्यम से दर्शाया गया है। संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित गतिविधियाँ जैसे कार्यालयों की सफाई, स्कूली जागरूकता कार्यक्रम, सोशल मीडिया अभियान और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देते हैं। यह प्रयास बैंक पीओ जैसी परीक्षाओं में ‘सामाजिक-आर्थिक विकास’ और ‘पर्यावरण नीति’ जैसे विषयों के साथ मेल खाता है, जहाँ सरकारी योजनाओं के प्रभाव और उनके सामाजिक-आर्थिक निहितार्थों पर प्रश्न पूछे जाते हैं। साथ ही, अभियान के दौरान ‘श्रमदान’ जैसे कार्यों पर जोर देने से श्रम के प्रति सम्मान की संस्कृति विकसित होती है, जो आरबीआई ग्रेड बी के ‘नैतिकता और शासन’ खंड के साथ-साथ एस
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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