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स्वामित्व योजना: प्रदेश में 87000 करोड़ की संपत्तियों की मुफ्त होगी रजिस्ट्री, सरकार खुद उठाएगी पंजीयन शुल्क

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

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**स्वामित्व योजना: प्रदेश में 87000 करोड़ की संपत्तियों की मुफ्त होगी रजिस्ट्री, सरकार खुद उठाएगी पंजीयन शुल्क**

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मध्य प्रदेश सरकार स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि की 87,000 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की निश्शुल्क रजिस्ट्री करवा रही है। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण नागरिकों को किसी भी प्रकार के वित्तीय भार से बचाने के लिए सरकार करीब 9,000 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क खुद वहन करेगी। सरकार इस राशि का भुगतान करने के लिए अगले वर्ष के बजट में आवश्यक प्रावधान करके पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग को अपने बजट से राशि उपलब्ध कराएगी। राज्य का राजस्व विभाग ड्रोन तकनीक की मदद से सर्वे करवाकर अब तक लगभग 49,52,567 संपत्तियों को चिह्नित कर चुका है, और 600 गांवों में सर्वे का काम वर्तमान में लगातार जारी है।

बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सरकार की वित्तीय नीतियों, ग्रामीण विकास पहलों और राजस्व प्रबंधन को दर्शाती है। स्वामित्व योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, जिससे बैंकों के लिए ऋण वितरण और वित्तीय समावेशन के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही, सरकार द्वारा स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क वहन करने का निर्णय राजकोषीय प्रबंधन और बजट आवंटन से संबंधित प्रश्नों के लिए प्रासंगिक है, जो इन परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं। यह योजना भूमि विवादों को कम करने और संपत्ति के स्पष्ट स्वामित्व को स्थापित करने में भी मदद करती है, जिससे वित्तीय संस्थानों के लिए संपार्श्विक-आधारित ऋणों की सुरक्षा बढ़ती है।

स्रोत: amarujala.com


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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