✎ हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सैन्य क्षमता, सामरिक स्थिति और ऊर्जा सुरक्षा में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Security
भारत हिन्द महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक भूमिका को सुदृढ़ करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में भारतीय नौसेना के द्विवार्षिक कमांडर्स सम्मेलन 2026 में कहा कि देश इस क्षेत्र में प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता, पसंदीदा सुरक्षा भागीदार और विश्वास एवं विश्वसनीयता का प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि भारतीय युद्धपोतों की दक्षिण चीन सागर, भूमध्य सागर और अटलांटिक महासागर तक फैली उपस्थिति देश की समुद्री सैन्य क्षमता को प्रदर्शित करती है, जो समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक है। श्री राजनाथ सिंह ने जोर दिया कि समुद्री सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ भारतीय नौसेना आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और रक्षा तैयारियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, क्योंकि देश अपने कच्चे तेल का 85-90 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस का लगभग 50 प्रतिशत समुद्री मार्गों से आयात करता है। उन्होंने आत्मनिर्भरता की दिशा में नौसेना के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हाल ही में शामिल किए गए युद्धपोतों में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप है।
इस संदर्भ में, बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह विषय राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा नीति और समुद्री कूटनीति जैसे विषयों के अंतर्गत महत्वपूर्ण है। परीक्षाओं में इस प्रकार के मुद्दों पर प्रश्न सामान्य जागरूकता, करेंट अफेयर्स और रक्षा एवं समुद्री मामलों से संबंधित अनुभागों में पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, आत्मनिर्भरता, स्वदेशी तकनीक और रक्षा उत्पादन जैसे विषय ‘मेक इन इंडिया’ और आर्थिक विकास के संदर्भ में भी प्रासंगिक हैं, जो विभिन्न परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों का हिस्सा बन सकते हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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