✎ कैग रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि जेलों में वित्तीय अनियमितताओं और कैदियों के अधिकारों का हनन हो रहा है, जिसके लिए तुरंत सुधार आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
कैग की वर्ष 2024 तक की रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश की जेलों में गंभीर खामियाँ उजागर हुई हैं, जिनमें कैदियों की अमानत से जेलों का खर्च उठाना और सुरक्षा कर्मियों की कमी के कारण चिकित्सा सुविधाओं में व्यवधान शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जेल प्रशासन ने बजट की कमी के दौरान कैदियों के निजी संपत्ति खातों से 65.89 लाख रुपये निकाले, जिनमें से 6.56 लाख रुपये अभी तक वापस नहीं किए गए हैं। यह राशि पुलिस सुरक्षा भत्ते और मेडिकल परीक्षण जैसे खर्चों में लगाई गई, जो हिमाचल प्रदेश प्रिजन मैनुअल 2021 के नियमों के विपरीत है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2021 से 2024 के बीच 16,723 कैदियों को बाहरी अस्पतालों में रेफर किया गया, किंतु 40.25% कैदियों को पुलिस सुरक्षा न मिलने के कारण अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। इससे स्पष्ट होता है कि जेल प्रशासन में वित्तीय कुप्रबंधन और स्टाफ की कमी के कारण कैदियों के अधिकारों का हनन हो रहा है।
इस रिपोर्ट का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। बैंकिंग परीक्षाओं में शासन व्यवस्था, वित्तीय कुप्रबंधन और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग जैसे मुद्दे अक्सर पूछे जाते हैं, जिनसे उम्मीदवारों को अवगत होना चाहिए। एसएससी परीक्षाओं में भी प्रशासनिक सुधार, सार्वजनिक नीति और सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन जैसे विषयों पर प्रश्न आते हैं, जिनसे यह रिपोर्ट प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संबंधित है। आरबीआई ग्रेड बी में भी शासन, वित्तीय प्रणाली और सार्वजनिक क्षेत्र के सुधार जैसे विषयों पर ध्यान दिया जाता है, जिनमें कैग जैसी संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इस प्रकार, यह रिपोर्ट न केवल प्रशासनिक कमजोरियों को उजागर करती है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री है।
स्रोत: amarujala.com
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