
✎ हैदराबाद में महिला मतदाता विलोपन दर अधिक है, जिससे मतदाता सूची में सुधार और महिला मतदान भागीदारी पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
**महिला मतदाता विलोपन में बढ़त: हैदराबाद के पुराने शहर क्षेत्रों में चुनावी सुधार अभियान पर सवाल**
हैदराबाद के पुराने शहर क्षेत्रों की पाँच विधानसभा सीटों—बहादुरपुरा, चंद्रायंगुट्टा, करवन, याकुतपुरा और मलकपेट—में मतदाता सूची से महिलाओं के विलोपन की दर पुरुषों से अधिक रही है। विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) अभियान के तहत कुल 19,41,444 मतदाताओं में से 47.8% महिलाएं थीं, जिनमें से सबसे अधिक विलोपन बहादुरपुरा (51.8%) और चंद्रायंगुट्टा (51.1%) में दर्ज किए गए। शोध संस्था साबर इंस्टीट्यूट द्वारा किए गए विश्लेषण में पाया गया कि मुस्लिम वर्गीकृत मतदाताओं का विलोपन भी इन क्षेत्रों में अत्यधिक रहा, जहाँ बहादुरपुरा में 85.9% विलोपन मुस्लिम नामों के थे। विशेषज्ञों ने बताया कि विलोपन का कारण मुख्यतः स्थायी स्थानांतरण (69.6%) और अनुपलब्धता (50.2%) रहा, जबकि मृत्यु के कारण विलोपन पुरुषों में अधिक (9.1%) था। शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि विलोपन में किसी समुदाय को लक्षित करने का कोई प्रमाण नहीं मिला, किंतु चुनाव आयोग द्वारा धर्म-आधारित आँकड़े न रखे जाने से वास्तविक स्थिति पर संदेह बना हुआ है।
**प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रासंगिकता**
बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं में इस विषय का महत्वपूर्ण स्थान है। चुनाव सुधार, मतदाता साक्षरता और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दे सीधे तौर पर ‘शासन व्यवस्था’ और ‘अर्थव्यवस्था’ के पाठ्यक्रम से जुड़े हैं। आरबीआई ग्रेड बी के लिए यह मुद्दा ‘जनसांख्यिकी और चुनावी प्रक्रिया’ जैसे विषयों के साथ संबंधित है, जहाँ मतदाता भागीदारी और चुनावी सुधारों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। एसएससी सीजीएल में ‘भारतीय राजनीति और संविधान’ के अंतर्गत चुनाव आयोग की भूमिका और
स्रोत: The Hindu
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