प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने 24 जुलाई, 2026 को 91-दिन, 182-दिन और 364-दिन की सरकारी ट्रेजरी बिलों की नीलामी की घोषणा की है, जिसमें कुल 24,000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें 91-दिन के बिल के लिए 9,000 करोड़ रुपये, 182-दिन के लिए 8,000 करोड़ रुपये और 364-दिन के लिए 7,000 करोड़ रुपये शामिल हैं। यह नीलामी 29 जुलाई, 2026 को आयोजित होगी, जिसमें प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी दोनों आधार पर भाग लिया जा सकता है। गैर-प्रतिस्पर्धी आधार पर भाग लेने वाले व्यक्तिगत निवेशकों को नोटिफाइड राशि का अधिकतम 5 प्रतिशत आवंटित किया जाएगा, और वे आरबीआई रिटेल डायरेक्ट पोर्टल के माध्यम से भी बोली लगा सकते हैं। यह प्रक्रिया बैंकिंग प्रणाली में तरलता प्रबंधन और सरकारी ऋण बाजार को स्थिर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे बैंकिंग परीक्षाओं जैसे आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी में इसकी प्रासंगिकता बढ़ जाती है।
इस नीलामी का उद्देश्य सरकारी खर्चों के वित्तपोषण के साथ-साथ बाजार में मौद्रिक नीति के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करना है। ट्रेजरी बिलों की नीलामी के माध्यम से सरकार अल्पकालिक ऋण प्राप्त करती है, जबकि निवेशकों को सुरक्षित और तरल परिसंपत्तियों में निवेश का अवसर मिलता है। आरबीआई द्वारा आयोजित इस प्रक्रिया में प्रतिभागियों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से बोली लगाने की सुविधा प्रदान की जाती है, जिसमें तकनीकी खराबी की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध है। यह विषय न केवल बैंकिंग प्रणाली की कार्यप्रणाली को समझने में मदद करता है, बल्कि सरकारी प्रतिभूतियों के बाजार, मौद्रिक नीति और राजकोषीय प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रकाश डालता है, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं।
स्रोत: RBI
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