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एनआईआरएफ रैंकिंग में एचईआई की प्रगति — concept mind map
NIRF रैंकिंग ढांचाअध्यापन, शिक्षण संसाधनशिक्षकों, सुविधाओं, पाठ्यक्रमअनुसंधान एवं व्यावसायिक प्रणालियांप्रकाशन, नवाचार, उद्योग सहयोगस्नातक परिणामरोजगार, कौशल, स्नातकों की गुणवत्ताआउटरीच एवं समावेशितासामाजिक विविधता, पहुंचभरोसेमंद अवधारणापारदर्शिता, विश्वसनीयता
NIRF रैंकिंग ढांचा

✎ एनआईआरएफ रैंकिंग उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता सुधार एवं प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance

राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) ने उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2015 में शुरू की गई इस रैंकिंग प्रणाली का उद्देश्य शिक्षण, अनुसंधान, स्नातक परिणाम, आउटरीच तथा भरोसेमंद अवधारणा जैसे पांच प्रमुख मानकों पर संस्थानों का मूल्यांकन करना है। वर्ष 2021 से 2025 के बीच एनआईआरएफ में भाग लेने वाले संस्थानों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है, जो 4,030 से बढ़कर 7,692 हो गई है। इससे न केवल देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बल्कि वैश्विक रैंकिंग जैसे क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत के प्रतिनिधित्व में भी वृद्धि हुई है, जहाँ 2015 में केवल 11 संस्थान शामिल थे, जो 2027 तक बढ़कर 52 हो गए हैं। इस पहल के माध्यम से सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं जैसे राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (आरयूएसए), उत्कृष्ट संस्थान (आईओई) योजना तथा नए आईआईटी और आईआईएम की स्थापना से उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे और अनुसंधान क्षमताओं में व्यापक सुधार हुआ है।

एनआईआरएफ रैंकिंग तथा उच्च शिक्षा सुधारों का बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। बैंकिंग क्षेत्र में, जहाँ वित्तीय साक्षरता और तकनीकी कौशल की मांग बढ़ रही है, एनआईआरएफ द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों से निकले स्नातकों की गुणवत्ता में वृद्धि से बैंकों को कुशल कर्मियों की उपलब्धता में सहायता मिलेगी। एसएससी परीक्षाओं में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत कौशल विकास तथा तकनीकी शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है, जिससे अभ्यर्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ेगी। आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में भी अर्थव्यवस्था तथा शासन से संबंधित प्रश्नों में उच्च शिक्षा संस्थानों की

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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