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Planning board post: Kerala HC stays information commission order directing PSC to give mark details, personal info — concept mind map
केरल उच्च न्यायालय बनाम सूचना आयोगकेरल उच्च न्यायालयराज्य सूचना आयोगआदेशआदेश पर रोक (1 माह)पीएससी को जानकारी देने का निर्देशमांगी गई जानकारीनहीं दी गईअंक विवरण, अनुभव प्रमाणपत्र, साक्षात्कतर्कनिजी जानकारी का हवालापारदर्शिता के आधार पर
केरल उच्च न्यायालय बनाम सूचना आयोग

✎ केरल उच्च न्यायालय ने पीएससी द्वारा परीक्षा विवरण सार्वजनिक करने के आदेश पर रोक लगाई, जिससे व्यक्तिगत जानकारी और पारदर्शिता के बीच संतुलन बना रहे।

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केरल उच्च न्यायालय ने एक माह के लिए राज्य सूचना आयोग के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) को राज्य योजना बोर्ड को भर्ती परीक्षा के रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। आयोग ने पीएससी को अभ्यर्थियों द्वारा प्राप्त अंक, प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाणपत्रों की प्रतियां तथा साक्षात्कार के अंकों के रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। पीएससी ने आयोग के समक्ष तर्क दिया था कि सूचना के लिए तीसरे स्थान प्राप्त अभ्यर्थी द्वारा मांगी गई जानकारी में तीसरे पक्षों की व्यक्तिगत जानकारी शामिल है तथा सार्वजनिक हित सिद्ध नहीं हुआ है। हालांकि, आयोग ने पीएससी को उक्त जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। पीएससी ने उच्च न्यायालय में इस आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि आयोग का आदेश सूचना का अधिकार अधिनियम तथा तीसरे पक्षों के निजता अधिकारों के विपरीत है। पीएससी ने यह भी बताया कि वह 1.25 करोड़ अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है तथा अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत व्यक्तिगत दस्तावेजों को उपलब्ध कराना व्यावहारिक नहीं है। पीएससी ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरे चयन प्रक्रिया के बाद लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के अंकों तथा रैंक सूची को सार्वजनिक किया है। तीसरे स्थान प्राप्त अभ्यर्थी ने पीएससी की अनिच्छा को सूचना का अधिकार अधिनियम के विपरीत बताया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने मामले की अगली तारीख 10 सितंबर निर्धारित की है।

यह मामला न केवल सूचना का अधिकार अधिनियम तथा निजता के अधिकार के बीच संतुलन स्थापित करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता एवं अभ्यर्थियों के अधिकारों के संदर्भ में भी प्रासंगिक है। बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी तथा एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, सूचना के अधिकार तथा व्यक्तिगत गोपनीयता जैसे मुद्दे शामिल हैं, जो सामान्य जागरूकता अनुभाग में पूछे जा सकते हैं। इसके अतिर

स्रोत: The Hindu


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