✎ कोल्लम बंदरगाह के विकास से राज्य के अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों की क्षमता बढ़ेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
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केंद्रीय महिला एवं बाल विकास, पशुपालन तथा श्रम मंत्री बिंदु कृष्णा ने शनिवार को कोल्लम बंदरगाह का दौरा करने के बाद कहा कि राज्य सरकार ने इसे विशाखापत्तनम के बंदरगाह के समान विकसित करने की योजना बनाई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कोल्लम बंदरगाह को विजिन्जम के उपग्रह बंदरगाह के रूप में विकसित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2011 से 2016 के दौरान बंदरगाह पर कई विकास परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की गई थीं, लेकिन पिछले एक दशक से इसमें कोई प्रगति नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब राज्य के दो अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों तथा 18 फीडर बंदरगाहों के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि कोल्लम बंदरगाह के लिए व्यापक परियोजनाओं पर काम चल रहा है तथा अगले सप्ताह तिरुवनंतपुरम में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। मंत्री ने बताया कि आज के दौरे का उद्देश्य बंदरगाह की आधारभूत संरचना संबंधी आवश्यकताओं का आकलन करना तथा स्थानीय प्रतिनिधियों, बंदरगाह अधिकारियों तथा आम जनता से सीधे चर्चा करना था। उन्होंने कहा कि दौरे के दौरान पहचानी गई आवश्यकताओं को तुरंत बंदरगाह विभाग तथा मुख्यमंत्री के ध्यान में लाया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि बंदरगाह के विकास के लिए कई प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है, जिनमें फ्लोटिंग ड्राई डॉक की स्थापना तथा पर्यटक क्रूज सेवाओं की शुरुआत शामिल है। उन्होंने बताया कि बंदरगाह में लंबे समय से कोई ड्रेजिंग नहीं हुई है तथा जहाजों को लाने-ले जाने के लिए न्यूनतम आठ मीटर गहराई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसके लिए तुरंत सर्वेक्षण कराया जाएगा तथा ड्रेजिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि बंदरगाह संचालन के दौरान आवश्यक पोर्ट हेल्थ ऑफिसर की अनुपस्थिति जैसी व्यावहारिक बाधाओं को भी दूर किया जाएगा। बंदरगाह अधिकारियों तथा मछुआरों ने दौरे के दौरान कई गंभीर चिंताएं उठाईं, जिनमें मौजूदा गोदी की अपर्याप्त गहराई, सीमा शुल्क संबंधी अड़चनें, तटरक्षक नौक
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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