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झारखंड भाषा शिक्षा नीति: मातृभाषा और कौशल विकास पर जोर
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झारखंड भाषा शिक्षा नीति

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए एक नई भाषा शिक्षा नीति तैयार करने का निर्देश दिया है। इस नीति में विद्यार्थियों की मातृभाषा का सम्मान, कौशल विकास और डिजिटल दक्षता को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को ध्यान में रखते हुए शिक्षा नीति तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना भी हो। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में भाषाई विविधता बहुत व्यापक है और बच्चे घर में मातृभाषा तथा स्थानीय भाषाएं बोलते हैं, जबकि विद्यालयों में शिक्षण हिंदी या अंग्रेजी माध्यम से होता है, इस अंतर से प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की समझ प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

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बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह खबर ‘पॉलिटी एंड गवर्नेंस’ खंड के अंतर्गत महत्वपूर्ण है। यह राज्य सरकार की नीतियों, शिक्षा सुधारों और भाषाई विविधता के प्रति दृष्टिकोण को दर्शाती है, जो कि भारतीय संविधान के तहत भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों और शिक्षा में मातृभाषा के महत्व से संबंधित है। उम्मीदवारों को राज्य-विशिष्ट नीतियों, शिक्षा क्षेत्र में नवाचारों और शासन के विभिन्न पहलुओं पर आधारित प्रश्नों के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि ये अक्सर सामान्य जागरूकता और नीति-निर्माण से संबंधित खंडों में पूछे जाते हैं।

स्रोत: amarujala.com


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