✎ ओडिशा की कोरापुट कॉफी को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल कर राज्य के आदिवासी उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: International Relations
**कॉरापुट कॉफी का ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रदर्शन: ओडिशा ब्रांड को मिली वैश्विक पहचान**
ओडिशा की प्रसिद्ध कॉरापुट कॉफी, विशेष रूप से ‘टाइगर ब्राइट’ ब्रांड, को हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रतिनिधियों और पत्रकारों को प्रदान किए गए किट्स में शामिल किया गया। इससे राज्य के आदिवासी किसानों द्वारा उगाई जाने वाली इस अरबीका कॉफी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। विदेश मंत्रालय द्वारा वितरित इन किट्स में 250 ग्राम कॉफी पैकेट शामिल था, जिसने ओडिशा के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इसे राज्य की प्रतिष्ठा को बढ़ाने वाला कदम बताया और कहा कि यह ‘वोकल फॉर लोकल’ के दृष्टिकोण को साकार करता है। कॉरापुट कॉफी मुख्य रूप से अरबीका किस्म की है, जिसे आदिवासी किसानों द्वारा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाया जाता है और इसका स्वाद उष्णकटिबंधीय साइट्रस, कारamel तथा कोको के नोट्स से भरपूर होता है।
इस पहल से ओडिशा के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में उत्पादित वस्तुओं को वैश्विक बाजारों तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। ट्राइबल डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव कॉर्पोरेशन ऑफ ओडिशा लिमिटेड (टीडीसीसीओएल) द्वारा समर्थित इस कॉफी के उत्पादन में आदिवासी परिवारों को रोजगार मिला है, जिनकी संख्या 360 तक पहुंच गई है। 2025-26 सीजन में टीडीसीसीओएल द्वारा 102.54 मीट्रिक टन कॉफी फल की खरीद की गई, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है। यह पहल न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि बैंकिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी तथा एसएससी के लिए भी महत्वपूर्ण है, जहां अंतरराष्ट्रीय संबंधों, कृषि निर्यात तथा ग्रामीण विकास से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
स्रोत: orissapost.com
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