✎ अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान भारतीय दूतावासों ने 1.4 लाख भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भारतीय मिशनों द्वारा यूएस-ईरान युद्ध के दौरान 1.4 लाख नागरिकों की वापसी में सहायता प्रदान की गई। केंद्र सरकार ने लोकसभा में दिए गए लिखित उत्तर में बताया कि इस संकट के दौरान भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों ने 1.40 लाख भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए समन्वित प्रयास किए। इसमें कतर से 1 लाख, कुवैत से 30 हजार, इराक से 3,225, आर्मेनिया से 3,008, बहरीन से 2,500, जॉर्डन से 1,165, लेबनान से 354, इजराइल से 248 और ओमान से 105 नागरिकों को सहायता प्रदान की गई। मंत्री ने बताया कि आपात स्थिति में भारतीय मिशन द्वारा ट्रांज़िट वीज़ा, आवास, परिवहन और सीमा पार यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा, सरकार ने 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किए और एक नई डिजिटल प्लेटफॉर्म का परीक्षण किया जा रहा है, जिससे आपदा के दौरान त्वरित सहायता और समन्वय संभव हो सके।
इस घटना का महत्व प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। इससे विदेश नीति, राजनयिक प्रक्रिया, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। साथ ही, सरकारी योजनाओं, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी नवाचार जैसे विषय भी परीक्षा में पूछे जा सकते हैं, जो सरकार की आधुनिक प्रशासनिक क्षमताओं को दर्शाते हैं।
स्रोत: The Indian Express
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