✎ स्वदेशी सेमीकंडक्टर स्टार्टअप्स को सरकारी योजनाओं और निवेशकों का बढ़ता समर्थन मिल रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
भारत में घरेलू सेमीकंडक्टर स्टार्टअप्स ने 2022 से अब तक कुल 206 मिलियन डॉलर (लगभग 1,700 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। यह जानकारी ‘इंडियन सेमीकंडक्टर स्टार्टअप लैंडस्केप 2026’ नामक रिपोर्ट में सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि 2026 की पहली छमाही में ही इन स्टार्टअप्स ने 61.9 मिलियन डॉलर जुटाए, जो पूरे 2025 के कुल 76.6 मिलियन डॉलर का 81% है। रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों ने शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स की बजाय अधिक विकसित और व्यावसायिक रूप से तैयार कंपनियों में पूंजी लगाने पर ध्यान केंद्रित किया है। सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘डिजाइन-लिंक्ड इंसेंटिव’ (DLI) कार्यक्रम के तहत समर्थित 24 चिप-डिजाइन परियोजनाओं में से 14 ने बाद में उद्यम पूंजी जुटाई, जिसमें कुल 100.8 मिलियन डॉलर आए। इस क्षेत्र में रणनीतिक निवेशकों की भूमिका भी बढ़ रही है, जिसमें ज़ोहो और टीडीके वेंचर्स जैसी कंपनियों ने प्रमुख भूमिका निभाई है।
इस विकास का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। बैंकिंग क्षेत्र में, सेमीकंडक्टर स्टार्टअप्स को मिलने वाला निवेश देश के तकनीकी विकास और आत्मनिर्भरता को दर्शाता है, जो सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहलों से जुड़ा है। इससे बैंकों को नए वित्तीय उत्पादों और ऋण नीतियों को तैयार करने में मदद मिल सकती है। एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में इस विषय से संबंधित प्रश्न सरकारी योजनाओं, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर पूछे जा सकते हैं, जिससे उम्मीदवारों को देश के आर्थिक विकास के प्रति जागरूकता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
स्रोत: Business Standard
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