
✎ मिशन पोषण 2.0 सरकार का नवीनतम प्रयास है जो कुपोषण से लड़ने और बाल विकास को बढ़ावा देने हेतु पोषण अभियान को और सुदृढ़ बनाता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
मिशन पोषण 2.0 भारत सरकार द्वारा कुपोषण से समग्र रूप से निपटने और बाल विकास को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जो पोषण अभियान जैसे पूर्व प्रयासों के अनुभवों पर आधारित है। नीति आयोग द्वारा किए गए मूल्यांकन और विश्व बैंक के सर्वेक्षणों से स्पष्ट हुआ है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से पोषण संबंधी व्यवहार में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिसमें 80% से अधिक महिलाओं तक पोषण संदेश पहुंचे और 81% महिलाओं ने पहले छह महीनों तक स्तनपान कराया। मिशन पोषण 2.0 में आंगनवाड़ी सेवाओं जैसे पूरक पोषण, विकास निगरानी और परामर्श का उच्च स्तर पर उपयोग किया जा रहा है, जिससे लाभार्थियों के बीच जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन में सफलता मिली है। इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया ‘पोषण ट्रैकर’ डिजिटल एप्लिकेशन आधारित शासन उपकरण है, जो लाभार्थियों की पहचान, सेवा वितरण की निगरानी और डेटा की पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। इसमें फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और आधार आधारित ट्रैकिंग शामिल है, जो फर्जी प्रविष्टियों और डेटा लीक को रोकने में मदद करता है।
मिशन पोषण 2.0 का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है, क्योंकि इससे सरकारी योजनाओं, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और डिजिटल शासन के एकीकरण को समझने में मदद मिलती है। बैंक पीओ और एसबीआई परीक्षाओं में इस प्रकार के कार्यक्रमों से संबंधित प्रश्न सामान्य ज्ञान और करेंट अफेयर्स अनुभाग में पूछे जा सकते हैं, जैसे नीति आयोग के मूल्यांकन, विश्व बैंक के सर्वेक्षण, या डिजिटल प्लेटफार्मों के उपयोग पर। आरबीआई ग्रेड बी में भी सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और उनके आर्थिक निहितार्थों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा, इस कार्यक्रम के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, बाल विकास और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाता है, जो समाज कल्याण और शासन विषयों के लिए महत्व
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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