प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**संसद के मानसून सत्र का बारहवाँ दिन: लोकसभा ने अनुदान (संख्या 3) विधेयक, 2026 पारित किया; राज्यसभा ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण विधेयक पारित किया**
लोकसभा ने 4 अगस्त, 2026 को अनुदान (संख्या 3) विधेयक, 2026 को ध्वनि मत से पारित कर दिया, जबकि राज्यसभा ने जन्म-मृत्यु (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया। जन्म-मृत्यु विधेयक में देरी से पंजीकरण कराने वालों के लिए दो साल से अधिक विलंबित मामलों में प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट से अनुमति अनिवार्य करने का प्रस्ताव है, जिससे कार्यपालिका से न्यायपालिका की ओर अधिकार स्थानांतरित होगा। यह विधेयक जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 की धारा 13(3) में संशोधन करेगा, जो पहले एक वर्ष से अधिक विलंबित पंजीकरणों के लिए जिला मजिस्ट्रेट या कार्यकारी मजिस्ट्रेट से अनुमति की आवश्यकता रखता था। इस बदलाव से सरकारी योजनाओं, जनगणना और कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए सटीक आँकड़ों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जो बैंकिंग, बीमा और प्रशासनिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा, अनुदान विधेयक सरकार को अगले वित्तीय वर्ष के लिए अतिरिक्त व्यय की स्वीकृति देता है, जो राजकोषीय नीति और बजटीय नियंत्रण से संबंधित है। यह विधेयक सरकारी खर्चों के पारदर्शी आवंटन को दर्शाता है, जो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ग्रेड बी और बैंक पीओ परीक्षाओं के लिए राजकोषीय नीति और बजट प्रक्रिया के अध्ययन में सहायक होगा। इसके अतिरिक्त, राज्यसभा में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और सदन में व्यवधानों का राजनीतिक-विधायी प्रक्रिया पर प्रभाव भी परीक्षा के दृष्टिकोण से प्रासंगिक है, जहाँ संसदीय प्रक्रियाओं और धन विधेयकों की भूमिका पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
स्रोत: The Hindu
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