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असम में कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा: केंद्र-राज्य समन्वय पर जोर
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कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन

✎ केंद्रीय सचिव सुधांश पंत ने असम में कल्याणकारी योजनाओं (नमस्ते, पीएम-अजय, नशा मुक्त भारत अभियान) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर दिया।

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केंद्रीय सचिव श्री सुधांश पंत ने असम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस बैठक में उन्होंने नशा मुक्त भारत अभियान, पीएम-अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय), नमस्ते योजना तथा अटल वयो अभ्युदय योजना जैसी प्रमुख पहलों पर ध्यान केंद्रित किया। असम सरकार के अधिकारियों के साथ हुई इस बैठक में उन्होंने अंतर-विभागीय समन्वय, योग्य लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं के त्वरित निराकरण पर बल दिया। बैठक में यह भी बताया गया कि असम में नशे की लत से पीड़ित लोगों के लिए 16 एकीकृत पुनर्वास केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि पीएम-अजय के तहत 721 अनुसूचित जाति बस्तियों का एकीकृत विकास किया जा रहा है। ये प्रयास न केवल सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि बैंकिंग एवं बीमा क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन तथा ग्रामीण विकास से जुड़े प्रश्नों के लिए भी प्रासंगिक हैं, जो आईबीपीएस, एसबीआई तथा आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं।

इस समीक्षा बैठक में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा एवं सम्मान को बढ़ावा देने वाली नमस्ते योजना तथा वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर भी चर्चा हुई। श्री पंत ने कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र-राज्य समन्वय तथा सफलता की कहानियों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। यह विषय परोक्ष रूप से सरकारी नीतियों, सामाजिक सुरक्षा तथा सतत विकास जैसे विषयों से जुड़ा है, जो एसएससी तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण तथा गरीबी उन्मूलन जैसे मुद्दे बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण हैं, जो इन परीक्षाओं के पाठ्यक्रम में शामिल रहते हैं।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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