✎ आरबीआई के अग्रिम दृष्टि सर्वेक्षण आर्थिक पूर्वानुमान एवं नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 5 अगस्त, 2026 को अपनी वेबसाइट पर ‘फॉरवर्ड लुकिंग सर्वे’ के परिणाम जारी किए हैं। इनमें शहरी उपभोक्ता विश्वास सर्वे (जुलाई 2026), ग्रामीण उपभोक्ता विश्वास सर्वे (जुलाई 2026), घरेलू मुद्रास्फीति प्रत्याशा सर्वे (जुलाई 2026), पेशेवर पूर्वानुमान सर्वे (मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतक), विनिर्माण क्षेत्र के लिए ‘ऑर्डर बुक्स, इन्वेंटरी एवं क्षमता उपयोगिता सर्वे’ (वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही), ‘औद्योगिक दृष्टिकोण सर्वे’ (वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही), ‘बैंक ऋण सर्वे’ (वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही) तथा ‘सेवाओं एवं आधारभूत संरचना दृष्टिकोण सर्वे’ (वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही) शामिल हैं। ये सर्वेक्षण अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों की भावी संभावनाओं, मुद्रास्फीति की धारणाओं एवं बैंकिंग प्रणाली की गतिशीलता को दर्शाते हैं। आरबीआई द्वारा प्रकाशित ये परिणाम प्रत्यक्ष रूप से मौद्रिक नीति, ऋण प्रवाह एवं आर्थिक पूर्वानुमानों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, जो बैंक पीओ, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
इन सर्वेक्षणों के परिणामों से बैंकिंग क्षेत्र की रणनीतिक योजनाओं, ऋण नीतियों एवं जोखिम प्रबंधन में सहायता मिलती है। उदाहरणतः, ‘बैंक ऋण सर्वे’ से ऋण विस्तार की संभावनाओं एवं मांग के रुझानों का पता चलता है, जबकि ‘मुद्रास्फीति प्रत्याशा सर्वे’ मौद्रिक नीति निर्माताओं के लिए कीमत स्थिरता बनाए रखने में मार्गदर्शक का कार्य करता है। इसी प्रकार, ‘औद्योगिक दृष्टिकोण सर्वे’ विनिर्माण क्षेत्र की क्षमता एवं निवेश संभावनाओं को उजागर करता है, जो आर्थिक वृद्धि एवं रोजगार सृजन से सीधे जुड़ा होता है।
स्रोत: RBI
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