प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 भारत सरकार द्वारा शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लाने के उद्देश्य से तैयार की गई एक महत्वपूर्ण नीति है। इस नीति के अंतर्गत कौशल-आधारित और अनुभवात्मक शिक्षण को बढ़ावा दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों में रोजगार क्षमता और उद्यमशीलता कौशल का विकास हो सके। स्कूल स्तर पर कक्षा छठी से बारहवीं तक पूर्व-व्यावसायिक शिक्षा को एकीकृत किया गया है, जबकि उच्च शिक्षा में सामुदायिक महाविद्यालयों, बी.वोक. डिग्री कार्यक्रमों और दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्रों के माध्यम से कौशल विकास को समर्थन दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी), 2025 के माध्यम से शैक्षणिक अधिगम को उद्योग अनुभव से जोड़ा जा रहा है, जो युवाओं को तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करता है। यह नीति न केवल शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने में सहायक है, बल्कि बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें शामिल विषय जैसे कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा और उद्योग-संबद्ध अधिगम परीक्षा के पाठ्यक्रमों में भी प्रमुखता से पूछे जाते हैं।
एनईपी, 2020 के अंतर्गत डिजिटल शिक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है, जिसके तहत पीएम ई विद्या, दीक्षा और अन्य आईसीटी पहलों के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाई जा रही है। इसके साथ ही, भारतीय भाषा पुस्तक योजना और क्षेत्रीय भाषाओं में ई-सामग्री के विकास से बहुभाषावाद को बढ़ावा मिला है, जिससे शिक्षा का लोकतंत्रीकरण हो रहा है। यह नीति सरकारी स्कूलों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में समान अवसर, न्यायसंगत शिक्षण परिणाम और सामाजिक-लैंगिक अंतर को कम करने पर केंद्रित है। बैंकिंग और एसएससी जैसी परीक्षाओं में करेंट अफेयर्स के रूप में एनईपी से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, जिसमें नीति के प्रमुख उद्देश्यों, कौश
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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