✎ किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना से 6 राज्यों को जल, बिजली एवं सिंचाई में लाभ मिलेगा तथा केंद्र सरकार द्वारा 90% वित्त पोषित राष्ट्रीय परियोजना है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना समझौते पर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत राष्ट्रीय परियोजना घोषित की गई किशाऊ परियोजना में 90% वित्तीय भार केंद्र सरकार उठाएगी, जबकि शेष 10% भागीदार राज्यों द्वारा वहन किया जाएगा। इससे टोंस नदी पर 232.6 मीटर ऊँचा बाँध बनाकर 1,562 मिलियन क्यूबिक मीटर जल संग्रहण किया जाएगा, जिससे 97 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 1,476 मिलियन यूनिट स्वच्छ जलविद्युत उत्पन्न होगी। इस परियोजना से सबसे बड़ा लाभ दिल्ली को मिलेगा, जबकि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। यह समझौता मोदी सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के सिद्धांत का प्रतीक है, जिसमें चार दशकों से लंबित इस परियोजना को सफल बनाने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों का योगदान रहा।
यह समझौता बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें केंद्र-राज्य सहयोग, जल विवादों का निपटारा, राष्ट्रीय परियोजनाओं का वित्तपोषण तथा पर्यावरण एवं जल संसाधन प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं। इससे संबंधित प्रश्न परीक्षाओं में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पूछे जा सकते हैं, जैसे जल विवादों के समाधान में केंद्र सरकार की भूमिका, राष्ट्रीय परियोजनाओं के वित्तीय प्रावधान, या पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दे। इसके अतिरिक्त, इस समझौते के माध्यम से ‘संवाद से समाधान’ जैसे सरकारी नीतिगत दृष्टिकोण को भी समझा जा सकता है, जो परीक्षाओं में नीति-आधारित प्रश्नों के लिए उपयोगी साबित होगा।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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