✎ केरल में रात में जलविद्युत उत्पादन से शाम को बिजली की कमी दूर करने और महंगे आयात से बचने की कोशिश।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
केरल राज्य विद्युत नियामक आयोग (केएसईआरसी) ने केरल राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) को दिन के समय चलने वाले जलविद्युत उत्पादन को रात में स्थानांतरित करने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए हैं। आयोग का मानना है कि यदि ऐसा किया जा सके, तो शाम 6 बजे के बाद होने वाली विद्युत कमी को दूर किया जा सकता है और राज्य के बाहर से महंगी विद्युत खरीद से बचा जा सकता है। केरल में हाल के वर्षों में सौर ऊर्जा क्षमता में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसके कारण दिन के समय विद्युत अधिशेष रहता है। इसी कारण केएसईबी दिन के समय सौर ऊर्जा को ग्रिड में शामिल करने के लिए अन्य स्रोतों से खरीदी गई विद्युत को वापस लौटा रहा है। हालांकि, शाम के समय जब विद्युत की मांग चरम पर होती है, राज्य को कमी का सामना करना पड़ता है और इसे महंगी खरीद के माध्यम से पूरा किया जाता है, जिसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त शुल्क के रूप में पड़ता है। ऐसे में जलविद्युत उत्पादन के पैटर्न में बदलाव से शाम के समय की कमी को कम किया जा सकता है और केएसईबी को महंगी विद्युत खरीद से भी बचाया जा सकता है।
इस मामले की प्रासंगिकता बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें विद्युत नियामक आयोग की भूमिका, राज्य विद्युत बोर्ड के संचालन, ऊर्जा नीति और विद्युत संकट के आर्थिक प्रभाव जैसे विषय शामिल हैं। बैंकिंग क्षेत्र में, विद्युत क्षेत्र से जुड़े ऋण, निवेश और जोखिम मूल्यांकन जैसे मुद्दों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में राज्य के संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा सुरक्षा और नियामक ढांचे से संबंधित प्रश्नों की संभावना रहती है। इसके अतिरिक्त, हाल के वर्षों में ऊर्जा संक्रमण और नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व को देखते हुए इस विषय का व्यापक अध्ययन आवश्यक है।
स्रोत: The Hindu
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