✎ केरल लोक सेवा आयोग ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपनी स्वायत्तता और नियुक्ति प्रक्रिया में हुई गलतियों को चुनौती दी है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
केरल लोक सेवा आयोग (केएसपीसी) ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें उन्होंने सरकार द्वारा दी गई अभियोजन अनुमति आदेश और केरल राज्य योजना बोर्ड के उद्योग एवं आधारभूत संरचना प्रभाग के प्रमुख पद पर नियुक्ति में कथित अनियमितताओं के मामले में सदस्यों तथा कर्मचारियों के विरुद्ध दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) को चुनौती दी है। यह मामला तिरुवनंतपुरम स्थित क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है, जिसमें परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। केएसपीसी ने अपनी याचिका में सरकार द्वारा दी गई अभियोजन अनुमति को निरस्त करने तथा एफआईआर को रद्द करने की मांग की है, जिसमें कहा गया है कि एफआईआर में किसी आरोपी का नाम शामिल नहीं किया गया था। केएसपीसी ने तर्क दिया है कि इसके सदस्यों को केवल भारत के राष्ट्रपति द्वारा ही हटाया जा सकता है, क्योंकि यह एक स्वायत्त संवैधानिक निकाय है और राज्य सरकार के नियंत्रण में नहीं आता। याचिका में बताया गया है कि कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान यह पाया गया कि राज्य योजना बोर्ड प्रमुख पद के लिए आयोजित परीक्षा में ऑन-स्क्रीन मार्किंग मूल्यांकन प्रक्रिया में एक गलती हुई थी, जिसके कारण अर्थशास्त्र विषय के प्रश्नों का मूल्यांकन नहीं किया जा सका। हालांकि, केएसपीसी ने दावा किया है कि उसने रैंक सूची तथा मूल्यांकन प्रक्रिया में हुई त्रुटियों को सुधारने के लिए उपचारात्मक कदम उठाए हैं।
इस मामले की प्रासंगिकता बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत स्थापित लोक सेवा आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक निकाय है, जिसकी भूमिका लोक सेवकों की भर्ती में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। इस मामले में उठाए गए संवैधानिक तथा प्रशासनिक मुद्दे, जैसे कि राज्य सरकार के नियंत्रण से मुक्ति, राष्ट्रपति द्वारा सदस्यों को हटाने का अधिकार तथा अभियोजन अनुमति से संबंधित विवाद, परोक्ष रूप से बैंकिंग तथा वित्तीय क्षेत्र के प्रशासनिक ढ
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


1 comment on “केरल लोक सेवा आयोग ने उच्च न्यायालय में दायर याचिका: अधिकारियों पर मुकदमा चलाने के आदेश को चुनौती दी”